एम-एसआईपीएस कक्ष

आईएफसीआई में एम-एसआईपीएस कक्ष का विवरण

संशोधित विशेष प्रोत्साहन पैकेज योजना (एम-एसआईपीएस) पर संक्षिप्त विवरण

इलेक्ट्रोनिकी पद्धति डिजाइन व विनिर्माण में दीर्घावधि विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रानिकी व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जुलाई, 2012 में संशोधित विशेष प्रोत्साहन पैकेज योजना(एम-एसआईपीएस) प्रारम्भ की गई । आरम्भ में यह योजना आवेदन प्राप्त करने के लिए 3 वर्षों हेतु अर्थात्26 जुलाई, 2015 तक खोली गई थी । सरकार ने कुछ कार्य प्रक्रिया सरलीकरण और नई उत्पाद श्रेणियों के क्षेत्र विस्तार सहित 30 जनवरी, 2017 को देश में इलेक्ट्रोनिकी विनिर्माण को और अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से योजना की अवधि को (31 दिसम्बर, 2018 तक या जब तक प्रोत्साहन राशि 10,000 करोड़ रुपए तक न पहुंच जाए, जो भी पहले हो) बढ़ाया है । योजना के अधीन प्रोत्साहन एम-एसआईपीएस के अन्तर्गत आवेदन के अनुमोदन की तारीख से 5 वर्ष की अवधि के लिए प्राप्य होगा ।

मुख्य रूप से इस योजना के अधीन इलेक्ट्रोनिकी विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए पूंजी व्यय में किए गए निवेश पर 20-25% का अनुदान दिया जाता है । इस योजना में इलेक्ट्रोनिकी उत्पादों और उत्पाद संघटकों की 4 श्रेणियों में प्रोत्साहन दिया जाता है । इन इकाइयों में कच्चे माल से लेकर पुर्जे जोड़ने की प्रक्रिया, परीक्षण और इन उत्पादों की पैकेजिंग तक की श्रेणियों को शामिल किया गया है ।

इलेक्ट्रानिकी व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने आईएफसीआई को (पीएफआई होने के नाते)मई, 2017 से एम-एसआईपीएस के अधीन प्रोत्साहन के लिए किए गए दावों के सत्यापन के लिए सत्यापन एजेंसी के रूप में नियुक्त किया है ।