परिचय

  •    हम सार्वजनिक क्षेत्र की एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनी हैं । 1948 में सांविधिक निगम के रूप में स्थापित, आईएफसीआई इस समय बीएसई तथा एनएसई में सूचीबद्ध है । आईएफसीआई 7 सहायक कम्पनियों और एक सहयोगी कम्पनी का प्रबन्धन करती है ।
  •    हम पूरे देश में विविध उद्योगों की वृद्धि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं । वित्तीय क्रियाकलापों में विभिन्न प्रकार की परियोजनाएं जैसे हवाई अड्डे, सड़कें, टेलीकॉम, पावर, अचल सम्पदा, विनिर्माण, सेवाएं क्षेत्र तथा ऐसी अन्य सहबद्ध परियोजनाएं शामिल हैं । 70 वर्षो के इसके अस्तित्व के दौरान, बड़ी परियोजनाएं जैसे अडानी मुंद्रा पोर्ट, जीएमआर गोवा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, सालासर हाईवेज, एनआरएसएस ट्रांसमिशन, रायचूर पावर कारपोरेशन जैसी कुछ परियोजनाओं की स्थापना के लिए आईएफसीआई द्वारा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
  •    कम्पनी ने पूरे देश में बाजार की विभिन्न प्रतिष्ठित मध्यवर्ती संस्थाओं जैसे स्टॉक एक्सचेंजों, उद्यमीयता विकास संगठनों, परामर्शकारी संगठनों, शैक्षिक तथा कौशल विकास संस्थानों की स्थापना के लिए निर्णायक भूमिका निभाई है ।
  •    भारत सरकार ने आईएफसीआई को अनुसूचित जातियों के लिए 200 करोड़ रुपए की एक उद्यम निधि पूंजी दी है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जातियों के बीच उद्यमीयता को बढ़ावा देना तथा उन्हें रियायती वित्त प्रदान करना है ।आईएफसीआई ने अग्रणी निवेशक तथा इस निधि के प्रवर्तक के रूप में 50 करोड़ रुपए के अंशदान का भी वचन दिया है । आईएफसीआई लि. की एक सहायक कम्पनी, आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड्स लि. (आईवीसीएफ) निधि का निवेश प्रबन्धक है । यह निधि वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान परिचालनरत हुई और आईवीसीएफ योजना के निर्दिष्ट उद्देश्यों को पूरा करने का निरन्तर प्रयास कर रही है ।
  •    इसके अतिरिक्त, भारत सरकार ने हाल ही में आईएफसीआई को अनुसूचित जातियों के उद्यमियों के लिए ऋण वद्धि गारंटी योजना के लिए मार्च, 2015 में एक नोडल एजेंसी के रूप में पदनामित किया है, जिसका उद्देश्य समाज के निम्न स्तर के लोगों में उद्यमीयता को बढ़ावा देना है । इस योजना के अन्तर्गत आईएफसीआई अनुसूचित जाति से सम्बन्धित युवा तथा नए उद्यमियों को ऋण के मद्दे बैंकों को गारंटी देगा ।